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Archean chemical ipo what gmp signals subscription ends today know detail – Business News India

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Archean Chemicals IPO: स्पेशलिटी मरीन केमिकल कंपनी आर्कियन केमिकल इंडस्ट्रीज (Archean Chemical Industries) के आईपीओ पर दांव लगाने का आज यानी शुक्रवार को आखिरी दिन है। इस आईपीओ को अब तक अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। अब ये जानना जरूरी है कि आईपीओ की लिस्टिंग किस स्तर पर हो सकती है। आइए ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी जीएमपी के हिसाब से समझते हैं।

क्या है जीएमपी: आर्कियन केमिकल का जीएमपी ₹66 है, जो गुरुवार के ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹62 प्रति इक्विटी शेयर से ₹4 अधिक है। बता दें कि आर्कियन केमिकल आईपीओ के लिए इश्यू प्राइस 386-407 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। जीएमपी के हिसाब से देखें तो शेयर की लिस्टिंग 473 रुपये (₹407 + ₹66) पर हो सकती है।

इश्यू के लोअर प्राइस बैंड ₹386 के हिसाब से बात करें तो लगभग 11.50 प्रतिशत अधिक है। बता दें कि मंगलवार को यह इश्यू पहले एंकर निवेशकों के लिए ओपन हुआ था जहां से ₹​​658 करोड़ जुटाए गए हैं। 

ये पढ़ें-टाटा ग्रुप की कंपनी का आ रहा IPO, डॉक्युमेंट देने के लिए ये है योजना

क्या कहते हैं एक्सपर्ट: आर्कियन केमिकल के आईपीओ को ब्रोकरेज जियोजित ने  ‘सब्सक्राइब’ टैग दिया है। अनलिस्टेड एरेना डॉट कॉम के संस्थापक अभय दोशी ने कहा कि आर्कियन केमिकल स्पेशलिटी मरीन केमिकल प्रोड्यूसर है। 



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Multibagger IPO Evans Electric share delivered 385 percent return now will announced bonus share – Business News India

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Multibagger IPO Return: स्मॉल-कैप कंपनी इवांस इलेक्ट्रिक लिमिटेड (Evans Electric Ltd) अपने निवेशकों को बोनस शेयर देने जा रही है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि शुक्रवार 16 दिसंबर 2022 को बोर्ड की मीटिंग होने वाली है। इसमें बोनस शेयर (Bonus share) देने पर विचार किया जा सकता है। कंपनी के शेयर आज शुक्रवार को लगभग 5% गिरकर 322.65 रुपये पर बंद हुए हैं। 

2019 में आया था IPO

आपको बता दें कि इवांस इलेक्ट्रिक आईपीओ 30 अप्रैल 2019 को ओपन हुआ था। इस आईपीओ का साइज ₹1.9 करोड़ का था। इसका प्राइस बैंड ₹52 प्रति शेयर तय किया गया था। स्टॉक बीएसई पर 13 मई 2019 को लिस्ट हुआ था। आईपीओ प्राइस से यह स्टॉक अब तक ₹322.65 तक बढ़ गया है। बता दें कि आईपीओ 3 साल के दौरान 385.19 पर्सेंट का मल्टीबैगर रिटर्न (Multibagger Stock return) दिया है। 10 दिसंबर 2021 को शेयर की कीमत ₹75.30 से बढ़कर 1 साल के दौरान वर्तमान प्राइस पर पहुंच गई। इस दौरान यह शेयर 328.49% रिटर्न दिया है। स्टॉक 3 जनवरी, 2022 को ₹93 से चढ़कर साल-दर-साल आधार पर वर्तमान प्राइस पर चढ़ गया है। यानी इस साल 2022 में अब तक 246.94% का मल्टीबैगर रिटर्न का है। पिछले 6 महीनों में स्टॉक ने 293.48% और पिछले  1 महीने में 293.48% रिटर्न दिया है। 

यह भी पढ़ें- 99% टूटकर 2 रुपये पर आ गया यह दिग्ग्ज शेयर, निवेशकों के ₹1 लाख घटकर 700 रुपये रह गए

कंपनी के बारे में

इवांस इलेक्ट्रिक लिमिटेड एक स्मॉल-कैप कंपनी है जो कॉमर्शियल सर्विस इंडस्ट्री में काम करती है। इसका मार्केट कैप ₹44.27 करोड़ का है। इवांस इलेक्ट्रिक लिमिटेड की स्थापना 1951 में हुई थी और इसे इलेक्ट्रो-मैकेनिकल सर्विसिंग और मरम्मत के लिए भारत में सबसे प्रतिष्ठित कंपनी के रूप में मान्यता प्राप्त है। 



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Zim Laboratories declared 21 ratio bonus share fixed record date share surges 186 percent from 52 week low – Business News India

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Bonus Share: एक और स्मॉल-कैप (Small cap stock) कंपनी अपने निवेशकों को तगड़ा मुनाफा कराने की तैयारी में है। यह फॉर्मा कंपनी ज़िम लैबोरेट्रीज लिमिटेड (Zim Laboratories Ltd) है। कंपनी अपने इलिजिबल शेयरहोल्डर्स को 2:1 के रेशियो के हिसाब से बोनस शेयर देने का ऐलान किया। यानी कंपनी के एक शेयर पर दो बोनस शेयर दिए जाएंगे। Zim Laboratories Ltd) के शेयर शुक्रवार को 320 रुपये पर बंद हुए। 

कंपनी ने क्या कहा?

कंपनी के निदेशक मंडल ने आज शुक्रवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि  कंपनी  इलिजिबल निवेशकों को 2:1 के रेशियो में बोनस शेयर जारी करेगी। यानी प्रत्येक एक शेयर पर कंपनी के दो बोनस शेयर दिए जाएंगे। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 22 दिसंबर 2022 तय किया गया है। इसका फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर है।

₹300 का यह दिग्गज शेयर टूटकर ₹2 का हुआ, 1 लाख का निवेश घटकर ₹700 रह गया, 99% का नुकसान

कंपनी के शेयरों का हाल

Zim Laboratories Ltd के शेयर पिछले 1 साल में 4.76% गिर गया और YTD  के  आधार पर स्टॉक 2022 में यह शेयर अब तक 4.88% गिर चुका है। स्टॉक ने (21/11/2022) को ₹388.00 के 52-वीक हाई  को छू लिया था। वहीं, (22/12/2021) को ₹110.15 का 52-वीक का लो पर पहुंच गया था। मौजूदा शेयर कीमत पर स्टॉक 1 साल के हाई  से 18.67% नीचे और 1 साल के निचले स्तर से 186.47% ऊपर कारोबार कर रहा है।

यह भी पढ़ें- सरकार बेच रही एक और कंपनी, जनवरी से शुरू होगी बिक्री की प्रक्रिया

कंपनी के बारे में 

Laboratories Ltd. एक स्मॉल-कैप कंपनी  है जो दवा उद्योग में काम करता है। फर्म की स्थापना 1989 में हुई थी और यह कई चिकित्सीय सेक्टर के लिए तैयार फॉर्मूलेशन (एफएफ) और प्री-फॉर्मुलेशन इंटरमीडिएट्स (पीएफआई) प्रदान करती है। साथ ही  कंपीन  जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स के विकास, प्रोडक्शन और डिस्ट्रिब्यूशन में शामिल है। 


 



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Ashneer Grover exposes bharatPe co founder shashvat nakrani after firm sues him for fraud detail here – Business News India

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फिनटेक यूनिकॉर्न BharatPe के पूर्व एमडी अश्नीर ग्रोवर ने कंपनी के को-फाउंडर शाश्वत नाकरानी को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर एक अहम खुलासा किया है। इस खुलासे को अश्नीर ग्रोवर ने शाश्वत नाकरानी का ‘दोगलापन’ करार दिया है। 

क्या है मामला: दरअसल, BharatPe ने अपने अपदस्थ को-फाउंडर अश्नीर ग्रोवर के अलावा उनकी पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दिल्ली हाईकोर्ट में दायर मुकदमे में ग्रोवर दंपत्ति और उनके तीन रिश्तेदारों पर गबन के आरोप लगाए गए हैं।

यही नहीं, BharatPe ने आर्थिक अपराध शाखा के पास आपराधिक शिकायत भी दर्ज कराई है। कंपनी ने उनसे हर्जाने के तौर पर 88.67 करोड़ रुपये की मांग की है। अब इसी मामले को लेकर अश्नीर ग्रोवर ने BharatPe के को-फाउंडर शाश्वत नाकरानी पर निशाना साधा है। 

क्या कहा अश्नीर ने: ट्विटर पर तस्वीर शेयर करते हुए अश्नीर ग्रोवर ने ‘दोगलापन’ लिखकर एक घटना का जिक्र किया है। अश्नीर लिखते हैं, ” शाश्वत (को-फाउंडर) ने मुझसे कहा- भाई डिग्री पूरी करनी है। एक साल ऑफिस बंक करके IIT पूरा कर लेता हूं। सेकेंडरी करा देना और सैलरी भी मत रोकना, इन्वेस्टर को मत बताना।” 

अश्नीर के ट्वीट के मुताबिक शाश्वत ने बोर्ड से कहा: अश्नीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने पर मुझे कोई आपत्ति नहीं है। 

अश्नीर की नई मुसीबत: इस बीच, न्यूज एजेंसी पीटीआई के सूत्रों ने बताया है कि अशनीर ग्रोवर के पास मौजूद हिस्सेदारी और संस्थापक के दर्जे को वापस लेने के लिए मध्यस्थता अर्जी लगाई है। सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (सीआईएसी) के नियमों के तहत यह मध्यस्थता अर्जी दायर की गई है। BharatPe की यह अर्जी स्वीकार कर ली जाती है तो ग्रोवर अपने पास मौजूद कंपनी के रोके गए शेयर और संस्थापक का दर्जा गंवा सकते हैं।

कितनी है हिस्सेदारी: BharatPe में करीब 8.5 प्रतिशत हिस्सेदारी ग्रोवर के पास है लेकिन इसमें से 1.4 प्रतिशत शेयरधारिता प्रतिबंधित श्रेणी में हैं। प्रतिबंधित शेयरधारिता का मतलब है कि कंपनी के कर्मचारी के तौर पर मिली उस हिस्सेदारी को हस्तांतरित नहीं जा सकता है।

बता दें कि BharatPe ने साल की शुरुआत में ग्रोवर पर कोष की धांधली, धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। उसके बाद ग्रोवर और उनकी पत्नी माधुरी जैन कंपनी से अलग हो गए थे। लेकिन दोनों पक्षों के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा।    



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