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Domestic market staggered by storm in US stock market sensex nifty opened on red

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Share Market Open : अमेरिकी शेयर बाजार में बुधवार को आए तूफान का असर घरेलू शेयर मार्केट पर भी दिख रहा है।  30 शेयरों पर आधारित बीएसई का प्रमुख संवेदी सूचकांक आज यानी गुरुवार को 509 अंकों की गिरावट के साथ खुला। वहीं, निफ्टी भी 18044 के स्तर से अपने कारोबार की शुरुआत की।

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 326 अंकों की गिरावट के साथ 60706 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 105 अंक लुढ़क कर 18051 के स्तर पर। निफ्टी टॉप गेनर में सिप्ला, हिन्दुस्तान यूनीलवर, दिविस लैब, भारती एयरटेल और इंडसंड बैंक जैसे स्टॉक्स थे तो टॉप लूजर में टाटा मोटर्स, एक्सिस बैंक, आयशर मोटर्स, टेक महिंद्रा और अल्ट्राटेक सीमेंट।

बता दें बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार का प्रमुख संवेदी सूचकांक डाऊ जोंस 1.95 फीसद यानी 646 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं, नैस्डैक भी 2.48 फीसद लुढ़क कर 10353 के स्तर पर बंद हुआ। एसएंडपी भी 2.08 फीसद यानी 263 अंकों का गोता लगाया। 

दिग्गज कंपनियों के शेयर औंधेमुंह गिरे

वॉल्ट डिज्नी के शेयर 13 फीसद से अधिक लुढ़क कर बंद हुए। नेटफ्लिक्स भी 3 फीसद से अधिक गिरकर बंद हुआ। वहीं, एलन मस्क की कंपनी टेस्ला इंक 7.17 फीसद टूट गया। जेफ बेजोस की कंपनी अमेजन के शेयर भी 3.84 फीसद टूट गए। एप्पल में 3.32 फीसद की गिरावट दर्ज की गई तो गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट 1.78 फीसद टूटा।

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IMD Rainfall Alert 6 December Weather Update Today Forecast Heavy Rains Red Alert Mausam Barish – India Hindi News

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IMD Rainfall Alert, Weather Forecast, 6 December Weather Update: मौसम विभाग ने दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। दरअसल, बंगाल की दक्षिणपूर्व खाड़ी के ऊपर बन रहे कम दबाव के क्षेत्र की वजह से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने बताया है कि आठ दिसंबर को तमिलनाडु के 13 जिलों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है। डिप्रेशन के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है। IMD ने कहा कि इस दौरान भारी बारिश के साथ तेज हवाएं भी चलेंगी।

तमिलनाडु के विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू, कुड्डालोर, कांचीपुरम, तिरुवल्लूर, अरियालुर, पेराम्बलुर, चेन्नई, कल्लाकुरिची, माइलादुथुराई, तंजावुर, तिरुवरुर और नागापट्टिनम सहित जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। IMD ने ट्वीट में कहा, ”बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया बना हुआ है। यह छह दिसंबर की शाम तक डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा। इसके बाद यह धीरे-धीरे चक्रवाती तूफान में बदलेगा और फिर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी में आठ दिसंबर की सुबह तक पहुंच जाएगा।”

7 दिसंबर को तीन स्थानों, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्र के बड़े क्षेत्रों में बारिश होगी। आईएमडी ने एक विज्ञप्ति में कहा, ”बारिश के साथ गरज और बिजली भी गिरेगी।” वहीं, 8 दिसंबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्रों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, तमिलनाडु के विल्लुपुरम, कुड्डालोर, माइलादुथुराई, तंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम और पुदुक्कोट्टई जिलों, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

इस बीच, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की छह टीमों को 8 दिसंबर से पहले तमिलनाडु में तैनात किया गया है। एनडीआरएफ की टीमों को नागापट्टिनम, तंजावुर, तिरुवरुर, कुड्डालोर, माइलादुथुराई और चेन्नई में तैनात किया गया है। एनडीआरएफ के एक अधिकारी ने बताया, “अराक्कोनम में हमारा 24×7 कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है और तमिलनाडु प्रशासन के साथ मिलकर सभी प्रयास किए जा रहे हैं।”

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maharashtra karanataka border row bus service stopped sharad pawar ultimatum

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महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच सीमा विवाद अब हद से बाहर जाता दिख रहा है। कर्नाटक के बेलगावी जिले के हीरेबागवाड़ी में महाराष्ट्र के रजिस्ट्रेशन नंबर वाले ट्रकों पर आज सुबह हमला हुआ था, जिसके बाद हालात बिगड़ते दिखे हैं। महाराष्ट्र सरकार ने इन घटनाओं पर ऐतराज जताया है। इसके अलावा कर्नाटक के लिए अपनी बस सेवाओं को भी फिलहाल रोक दिया है। यही नहीं इस मुद्दे पर एकनाथ शिंदे सरकार को दूसरे राजनीतिक दलों का भी साथ मिल रहा है। एनसीपी के मुखिया शरद पवार ने इस मामले में तीखे तेवर दिखाए हैं और कर्नाटक को 24 घंटे का अल्टिमेटम दिया है।

शरद पवार ने मंगलवार को कहा कि महाराष्ट्र के नंबर वाले ट्रकों पर हमले जैसी घटनाएं 24 घंटे के अंदर रुक जानी चाहिए। इसके बाद आप हमारे धैर्य की परीक्षा नहीं ले सकते। इसके अलावा उन्होंने महाराष्ट्र के सभी सांसदों से अपील की है कि वे एकजुट होकर संसद के शीतकालीन सत्र में इस मुद्दे को उठाएं। यही नहीं उन्होंने एकनाथ शिंदे सरकार को सलाह दी कि वह कोई भी फैसला लेने से पहले सभी दलों को भरोसे में लें। शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र और कर्नाटक के सीमांत इलाकों में जो हो रहा है, वह चिंता बढ़ाने वाला है।

कर्नाटक में अब महाराष्ट्र के नंबर वाले ट्रकों पर अटैक, बढ़ रहा विवाद

महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रकांत पाटिल और शंभूराज देसाई आज बेलगावी जाने वाले थे। यहां वे महाराष्ट्र एकीकरण समिति के लोगों से मिलने वाले थे। उनका कहना था कि हम बताएंगे कि महाराष्ट्र सरकार ने मराठी भाषी लोगों के लिए क्या पैकेज घोषित किया है। इस पर कर्नाटर सरकार ने उन्हें न आने की हिदायत दी थी और कहा था कि उनके आने से तनाव भड़क सकता है। दोनों मंत्रियों ने दौरा स्थगित कर दिया, लेकिन फिर भी महाराष्ट्र के ट्रकों पर अटैक की घटना से तनाव बढ़ गया है। शरद पवार ने इस मामले में कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई पर आरोप लगाया है कि वह मामले को दूसरी दिशा में लेकर गए हैं। 

पवार ने मराठी एकता का हवाला देते हुए कहा कि अब समय आ गया है, जब कोई स्टैंड लेना होगा। बीते सप्ताह यह विवाद तब शुरू हुआ था, जब चंद्रकांत पाटिल ने कहा था कि मध्यवर्ती महाराष्ट्र एकीकरण समिति के लोगों ने महाराष्ट्र कर्नाटक सीमा विवाद पर बात करने के लिए कहा है। यह संगठन कर्नाटक के बेलगावी जिले और कुछ अन्य सीमांत इलाकों को महाराष्ट्र में शामिल करने की मांग करता रहा है। 1960 में अपने गठन के बाद से ही महाराष्ट्र का कर्नाटक के साथ बेलगावी जिले और 80 अन्य सीमांत गांवों को लेकर विवाद रहा है। महाराष्ट्र मराठी भाषी लोगों की आबादी के आधार पर इन पर दावा करता है। वहीं कर्नाटक इन्हें अपना अभिन्न हिस्सा मानता है। फिलहाल यह मसला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। 

फडणवीस के ऐतराज पर बोम्मई ने दिया सुरक्षा का भरोसा

ट्रकों पर हमले की घटनाओं के बाद देवेंद्र फडणवीस ने कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई को फोन किया था। फडणवीस के ऑफिस ने बतायाकि बोम्मई ने दोषियों के खिलाफ ऐक्शन की बात कही है। इसके अलावा महाराष्ट्र के वाहनों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। 

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Chinese 100 Police Stations World Reason Xi Jinping – International news in Hindi

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Chinese Police Stations: भारत, अमेरिका समेत दुनियाभर के ज्यादातर देश चीन की चालाकी से अच्छी तरह वाकिफ हैं। हाल ही में एक रिपोर्ट से चीन को लेकर अहम खुलासा हुआ है। दरअसल, चीन ने शातिराना चाल चलते हुए दुनियाभर में 100 से ज्यादा अपने पुलिस स्टेशन खोल दिए हैं। इस दौरान किसी को भी ड्रैगन के चाल की कानों-कान खबर तक नहीं लगी। सीएनएन की रिपोर्ट में चीन द्वारा खोले गए इन पुलिस स्टेशनों के पीछे की वजह के बारे में भी बताया गया है। दावा किया गया है कि इसके जरिए चीन विदेशों में रहने वाले चीनी नागरिकों की निगरानी रखना चाहता है। इसके साथ ही इन पुलिस स्टेशनों का काम वहां रह रहे चीनी नागरिकों को परेशान करना और वापस लाना भी है। मैड्रिड स्थित मानवाधिकार कैंपेनर सेफगार्ड डिफेंडर्स ने सितंबर में पुलिस स्टेशनों को लेकर खुलासा किया था।

“पैट्रोल एंड पर्सुएड” नामक रिपोर्ट में आगे कहा गया था कि चीन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक उपस्थिति हासिल करने के लिए कुछ यूरोपीय और अफ्रीकी देशों के साथ द्विपक्षीय सुरक्षा व्यवस्था की है। समूह की रिपोर्ट बताती है कि चीन और कई यूरोपीय देशों के बीच संयुक्त पुलिस पहल की भूमिका ने चीनी विदेशी स्टेशनों के प्रसार में मदद की है। ये स्टेशन इटली, क्रोएशिया, सर्बिया और रोमानिया में भी हैं। समूह ने दावा किया है कि पेरिस में अंडरकवर काम कर रहे गुर्गों ने एक चीनी नागरिक को घर लौटने के लिए मजबूर किया। इससे पहले दो अन्य चीनी निर्वासितों को भी सर्बिया और स्पेन से स्वदेश लौटने के लिए मजबूर किया गया था।

चीन का जवाब- बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना बंद करें

सेफगार्ड डिफेंडर्स का कहना है कि उसने कम-से-कम 53 देशों में सक्रिय चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय के चार अलग-अलग पुलिस न्यायालयों की पहचान की है। ये स्टेशन चीन के उन हिस्सों से प्रवासियों की जरूरतों को पूरा करते हैं। हालांकि, बीजिंग ने विदेश में ऐसे पुलिस स्टेशन चलाए जाने की सभी खबरों को खारिज किया है। चीन ने पिछले महीने सीएनएन से कहा, “हम आशा करते हैं कि संबंधित पक्ष तनाव पैदा करने के लिए इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना बंद करें। चीन को बदनाम करने के बहाने इसका इस्तेमाल करना अस्वीकार्य है।” चीन का दावा है कि ये केंद्र प्रशासनिक हब हैं, जिन्हें चीनी प्रवासियों को दस्तावेज़ीकरण को नवीनीकृत करने में मदद करने का काम सौंपा गया है।” 

कोविड से पहले के हैं कई पुलिस स्टेशंस

चीन ने यह भी कहा कि ये सेंटर कोविड-19 महामारी के बाद दूसरे देशों में फंसे नागरिकों की मदद के लिए खोले गए थे। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, ये सेंटर कई वर्षों से महामारी से पहले के हैं। सेफगार्ड डिफेंडर्स के आरोपों का जवाब देते हुए चीन ने कहा था कि ये सेंटर वॉलेंटियर्स द्वारा संचालित हैं। हालांकि, समूह की रिपोर्ट कहती है कि इसके एक पुलिस नेटवर्क ने अपने पहले 21 स्टेशनों के लिए 135 लोगों को काम पर रखा था। इन पुलिस स्टेशनों को लेकर रिपोर्ट आने के बाद कम-से-कम 13 अलग-अलग देशों में जांच शुरू की गई है। चीन और कनाडा जैसे देशों के बीच तनाव भी बढ़ गया है।

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