Connect with us

Tech

ews reservation 10 percent gujarat election patidar community assembly polls – India Hindi News

Published

on


आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS को 10 फीसदी आरक्षण को लेकर दिए गए सुप्रीम कोर्ट का फैसले का असर आगामी चुनाव पर भी हो सकता है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि इसके जरिए भारतीय जनता पार्टी की स्थिति गुजरात में काफी मजबूत हो सकती है। इसकी एक बड़ी वजह पाटीदार समुदाय के मतों की संभावित वापसी और राज्य का जातीय समीकरण को माना जा रहा है। विस्तार से समझते हैं।

गुजरात के पूर्व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला पुराने सभी आंदोलनों को खत्म कर देगा, जो हमने गुजरात समेत अन्य राज्यों में देखे हैं। उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट की तरफ से बरकरार रखे गए प्रावधान देश की एकता को मजबूत करेंगे। पूरा देश इसे लेकर खुश है। मैं फैसले का स्वागत करता हूं।’

बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, कहां घिरेगी गुजरात-हिमाचल सरकार; क्या हैं सबसे बड़े मुद्दे

समझें पाटीदार समुदाय का गणित

राज्य के सियासी हालात में पाटीदार  समुदाय की भूमिका कई सालों से बड़ी रही है। मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी उप समूह ‘कड़वा पटेल’ समुदाय से आते हैं। 1 मई 1960 यानी गुजरात के गठन से लेकर अब तक राज्य आनंदीबेन पटेल, केशुभाई पटेल, चिमनभाई पटेल और बाबूभाई पटेल समेत 5 पटेल सीएम देख चुका है।

आंकड़े बताते हैं कि साल 2017 में 68 फीसदी कड़वा पटेल और 51 फीसदी लेउवा पटेल ने भाजपा के लिए मतदान किया था। जबकि, साल 2012 में आंकड़ा क्रमश: 78 प्रतिशत और 63 फीसदी था। 2017 में कांग्रेस का पाटीदार वोट प्रतिशत बढ़ गया था। पार्टी के लिए कड़वा पटेल ने 27 फीसदी और लेउवा ने 46 फीसदी मतदान किया था। साल 2012 में ये आंकड़ा केवल 9 प्रतिशत और 15 फीसदी था।

असर समझें

साल 2015 में पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (PAAS) ने सरकारी नौकरियों और कॉलेजों में पाटीदार समुदाय को आरक्षण दिलाने के लिए आंदोलन किया था। उसी साल हुए स्थानीय निकाय चुनाव तत्कालीन सीएम आनंदीबेन के लिए बड़ी चुनौती बने थे। तब कांग्रेस ने जिला पंचायतों में 31 में से 22 में जीत हासिल की थी। इसके अगले ही साल पटेल ने बढ़ती उम्र का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, पाटीदार आंदोलन और उसे नियंत्रित करने में असफलता को बड़े कारण के तौर पर देखा गया।

साल 2017 चुनाव में भी भाजपा को सौराष्ट्र में झटका लगा था और कांग्रेस ने 48 में से 28 सीटें जीती थी। जबकि, भाजपा की जीत 19 पर सिमट गई थी। एक सीट राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को मिली थी।

तब भाजपा ने क्या किया था

पाटीदारों की मांगों को मानने के लिए भाजपा सरकार ने साल 2016 में अध्यादेश के जरिए EWS को 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया था। खास बात है कि यह अनुसूचित जातियों, जानजातियों और अन्य पिछड़ा वर्ग को मिलने वाले 49.5 फीसदी आरक्षण से अलग था। हालांकि, अगस्त 2016 में ही अध्यादेश को हाईकोर्ट में चुनौती मिली और असंवैधानिक और अवैध बताकर इसे हटा दिया गया। बाद में राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। कानून बनान में असफल होने के बाद अक्टूबर 2017 में गुजरात सरकार ने अध्यादेश को खत्म करने की अनुमति दे दी थी।

पाटीदार समुदाय का प्रभाव

राज्य में पाटीदार समुदाय का काफी शक्तिशाली माना जाता है। ये राज्य की आबादी में 12-14 फीसदी की हिस्सेदारी निभाते हैं। बीते करीब 3 दशकों से यह समुदाय भाजपा का समर्थक है। गुजरात में ऐसी 55 सीटें हैं, जहां पटेल अहम भूमिका निभाते हैं। 16 सीटों पर पाटीदार मतदाता निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। इनमें 9 सीटें सौराष्ट्र, तीन उत्तर गुजरात और चार सूरत में हैं। इनमें भी सौराष्ट्र की 7 और सूरत की तीन सीटों पर लेउवा पटेलों का दबदबा है। 

हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए हार्दिक पटेल पाटीदार आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे थे। उन्होंने कहा कि 68 समुदायों के सदस्यों को कोटा से फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से लिए गए फैसले को सुप्रीम कोर्ट बरकरार रखा। शिक्षा और नौकरियों में 68 प्रतिशत सदस्यों को इससे फायदा होगा। मुझे गर्व महसूस होता है कि लोगों को हमारे आंदोलन से फायदा होगा।’

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Tech

अफगानिस्तान के पूर्व PM को मारने बुर्का पहन मस्जिद में घुसे हमलावर, बाल-बाल बचे 'काबुल के कसाई'

Published

on

By



हिकमतयार हिज्ब-ए-इस्लामी पार्टी के नेता हैं। उन्होंने बाद में वीडियो संदेश में कहा कि हमलावर महिलाओं के बुर्का में छिपे आत्मघाती हमलावर थे, जो धमाका कर उन्हें उड़ाने के मकसद से आए थे।

Continue Reading

Tech

FIFA World Cup 2022 South Korea are through to the round of 16 after beating portugal 2 1 Uruguay and Ghana are out of the World Cup

Published

on

By


ह्वांग ही चान के अंतिम क्षणों में किए गए गोल की मदद से दक्षिण कोरिया ने शुक्रवार को यहां पुर्तगाल को 2-1 से हराकर ग्रुप एच से विश्व कप फुटबॉल टूर्नामेंट के अंतिम 16 में जगह बनाई। ही चान ने दूसरे हाफ के इंजरी टाइम में यह महत्वपूर्ण गोल किया जिससे उरुग्वे की नॉकआउट चरण में पहुंचने की उम्मीदें भी समाप्त हो गई। उरूग्वे ने ग्रुप एच के एक अन्य मैच में घाना को 2-0 से हराया लेकिन इसके बावजूद उसे बाहर का रास्ता देखना पड़ा।

पुर्तगाल अपने पहले दोनों मैच जीतकर नॉकआउट चरण में जगह बना चुका था लेकिन कोरिया ने उसकी जीत की हैट्रिक पूरी नहीं होने दी। ही चान ने सोन ह्यूंग मिन के पास पर निर्णायक गोल किया जिससे कोरिया ने ग्रुप एच से दूसरी टीम के रूप में नॉकआउट चरण में प्रवेश किया।

दक्षिण कोरिया ने बनाई नॉकआउट चरण में जगह

दक्षिण कोरिया और घाना के समान चार चार अंक रहे लेकिन एशियाई टीम बेहतर गोल अंतर के कारण आगे बढ़ने में सफल रही। ही चान के गोल से पहले दक्षिण कोरिया को किम यंग ग्वोन (27वें) ने बराबरी दिलाई थी। पुर्तगाल के लिए रिकार्डो होर्ता (पांचवें मिनट) ने गोल किया था।

कोरिया की जीत से जियोर्जियन डी अर्रास्केटा (26वें और 32वें मिनट) के प्रयासों पर भी पानी फिर गया जिन्होंने अपनी टीम को इस विश्वकप में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

अल रेयान में खेले गए मैच में पुर्तगाल ने पांचवें मिनट में ही गोल करके दक्षिण कोरिया को दबाव में ला दिया था। उसके लिए यह गोल रिकार्डो होर्ता ने डिएगो डलोट के पास पर किया। डलोट ने दक्षिण कोरिया के रक्षकों को बड़ी कुशलता से छकाकर छह गज के बॉक्स के किनारे पर खड़े होर्ता की तरफ सरकाई जिन्होंने उतनी ही खूबसूरती से शॉट जमाकर उसे गोल में पहुंचाया।

दक्षिण कोरिया के लिए इस मैच में जीतना जरूरी था और इसलिए उसने अग्रिम पंक्ति में अधिक खिलाड़ियों को रखा। दक्षिण कोरिया ने हालांकि जल्द ही बराबरी का गोल दाग दिया। क्रिस्टियानो रोनाल्डो कॉर्नर किक को सही तरह से बाहर नहीं कर पाए और दक्षिण कोरिया के डिफेंडर किम यंग ग्वोन के पास चली गई, जिन्होंने उस पर गोल करने में कोई गलती नहीं की। यह विश्वकप में पिछले 10 मैचों में पहला अवसर था, जबकि दक्षिण कोरिया ने पहले हाफ में गोल किया।

पुर्तगाल ने जवाबी हमला किया लेकिन किम सियोंग ग्यू ने रोनाल्डो के शॉट पर शानदार बचाव किया। पुर्तगाल ने इसके बाद भी हमलावर तेवर बनाए रखें और किम सियोंग ग्यू ने पहले हाफ में कुल पांच बचाव किए और अपनी टीम को मध्यांतर तक 1-1 से बराबरी पर रखा। 

उधर अल वकराह स्टेडियम में उरूग्वे ने अच्छी शुरुआत की लेकिन वह घाना जिसे गोल करने का पहला सुनहरा अवसर मिला। उरूग्वे के गोलकीपर सर्जियो रोचेट की गलती से घाना को पेनल्टी मिली। रोचेट ने हालांकि बाद में अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभाई तथा घाना के कप्तान आंद्रे अयु के ढीले शॉट को आसानी से रोककर टीम का संकट टाला।

इसके बाद डी अर्रास्केटा ने छह मिनट के अंदर दो गोल करके घाना को  बैकफुट पर भेज दिया। फेसुंडो पेलिस्ट्री ने दायीं तरफ से लुई सुआरेज को क्रास दिया जिनका नीचा रहता शॉट बचा लिया लेकिन गेंद डी अर्रास्केटा को मिली जिस पर उन्होंने उरूग्वे को 1-0 से आगे किया। उरूग्वे का इस विश्व कप में यह पहला गोल था।

उसने अपना दूसरा गोल करने में देर नहीं लगाई और इस बार भी डी अर्रास्केटा को ही गोल करने का श्रेय मिला। यह दर्शनीय गोल था जिसे उन्होंने सुआरेज के पास पर किया। उरूग्वे ने मध्यांतर तक 2-0 की अपनी बढ़त बनाए रखी। घाना को दूसरे हाफ के शुरू में ही अच्छा अब्दुल रहमान बाबा ने अच्छा मूव बनाया लेकिन मोहम्मद कुदूस उस पर गोल करने में नाकाम रहे।

FIFA World Cup 2022 : मोरक्को और क्रोएशिया ने प्री क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह, वर्ल्ड कप नंबर दो बेल्जियम

घाना की गोल करने की बेताबी साफ नजर आ रही थी जबकि उरूग्वे ने अपनी पूरी ताकत गोल बचाने पर लगा रखी थी। कुदूस खेल 71वें मिनट में तीन रक्षकों को छका कर आगे बढ़े लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार के ऊपर से बाहर चला गया।

जब भी गेंद सुआरेज के पास जाती तो घाना के समर्थक उनकी हूटिंग करते। उरूग्वे के इस तुनक मिजाज खिलाड़ी ने कुछ अवसरों पर अपने तेवर भी दिखाएं और उन्हें पीला कार्ड भी मिला। 

Continue Reading

Tech

दिल्ली शराब घोटाला: तेलंगाना सीएम KCR की बेटी को सीबीआई का समन, पूछताछ के लिए बुलाया

Published

on

By



पूर्व सांसद कविता फिलहाल तेलंगाना विधान परिषद की सदस्य हैं। उनको दिल्ली में सीबीआई मुख्यालय या जांच एजेंसी के हैदराबाद कार्यालय में उपस्थित होने का विकल्प दिया गया है।

Continue Reading

Trending

Copyright © 2022 All Right Reserved by AchookSamachar. Design & Developed by WebsiteWaleBhaiya