Connect with us

Tech

shraddha murder case aftab poonawala remand police ask 10 secrets not revealed

Published

on


Shraddha Murder Case: श्रद्धा वाकर मर्डर केस में दिल्ली पुलिस अभी तक सारे जरूरी सूबत इक्ट्ठा नहीं कर पाई है। हत्याकांड से जुड़े हर अहम सवालों के जवाब, और सबूतों को इक्ट्ठा करने के लिए पुलिस ने हत्यारोपी आफताब पूनावाला (Aftab Poonawalla) को गुरुवार को साकेत कोर्ट में पेश किया। राहत की बात रही कि पुलिस  को आफताब की पांच दिन की रिमांड मिल गई है। आफताब की कस्टडी मिलने के बाद पुलिस अब सभी अनसुलझे सवालों के जवाब ढूंढने की पूरी कोशिश करेगी।

हत्या के सही-सही कारणों से लेकर शव के 35 टुकड़े करने से लेकर कैसे इतने दिनों तक मर्डर केस का छुपाए रख, इन सभी सवालों के सटीक जवाब मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस सूत्रों की बात मानें तो आफताब बहुत ही चालाकी से पुलिस के सवालों का जबाद देते हुए जांच एसेंसी से बचने की पूरी कोशिश कर रहा है।

श्रद्धा मर्डर केस से अनसुलझे 10 सवाल:-

1-श्रद्धा की हत्या के बाद शव के टुकड़े करने के लिए नहीं मिला औजार

श्रद्धा वाकर की गला दबाकर हत्या करने के बाद आफताब ने उसके शव को 35 टुकड़ों में काट दिया था। सूत्र बताते हैं कि बाथरूम में लेजाकर शव के टुकड़े करने बाद  आफताब ने कैमिकल से खून के दाग भी साफ किए थे। लेकिन, पुलिस जांच में अभी तक शव के टुकड़े करने के लिए आफताब द्वारा इस्तेमाल किए गए औजार की बारामदगी नहीं हो सकी है। ऐसे में केस को मजबूत करने के लिए पुलिस की मुश्किल जरूर बढ़ सकती है। 

2-मर्डर और शव के टुकड़े करते वक्त खून से सने कपड़े कहां गए?  

आफताब द्वारा श्रद्धा मर्डर करने के बाद उसके शव के टुकड़े आफताब कई दिनों तक करता रहा था। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मानना है कि ऐसे करते वक्त पूरे घर में खून ही खून हो गया होगा। अब सवाल यह उठ रहा है कि खून से सने श्रद्धा, और आफताब के कपड़े आखिरकार कहां है। पुलिस सूत्रों बताते हैं कि आफताब का कहना है कि उसने कपड़ों को कूड़े की गाड़ी में फेंक दिया था। अगर आफताब की यह बात सच है तो पुलिस की एक बार फिर मुश्किल बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है। 

3-पुलिस जांच में अभी तक सीसीटीवी फुटेज नहीं मिला

श्रद्धा मर्डर केस में पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। आफताब के कबूलनामे से लेकर इलेक्टॉनिक के साथ ही फॉरेंसिक तथ्य भी जुटाए जा रहे हैं, ताकि हत्यारोपी आफताब को कड़ी सजा मिल सके।   लेकिन, जांच में पुलिस को कई अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है। जांच एजेंसी को इस मामले में अभी तक कोई भी सीसीटीवी फुटेज नहीं मिला है। पुलिस सूत्र बताते हैं कि चूंकि यह मामला करीब-करीब छह महीने पुराना है, जबकि ज्यादात्तर कैमरों में अधिकतम दो महीने तक की रिकॉर्डिंग उपलब्ध है। 

4-मर्डर केस में के बाद क्या फ्रीज बनेगा सबूत?

मर्डर के बाद शव के टुकड़ों को आखिरकार कहां सुरक्षित रखा गया था? पुलिस के लिए यह किसी पहेली से कम नहीं है। हत्यारोपी आफताब के कबूलनामे के आधार पर पुलिस उसे जंगलों में भी ले लेकर गई थी, जहां से शव के टुकड़ों को एकत्रित किया गया। लेकिन, पुलिस को घर के अंदर खाली फ्रीज ही बरामद हुआ   था। शव के टुकड़ों की श्रद्धा की पहचान के लिए पुलिस ने उसके पिता का भी डीएनए सुरक्षित कर लिया है। 

 

5- श्रद्धा के मोबाइल फोन की बरामदगी जरूरी 

पुलिस पूछताछ में हत्यारोपी आफताब का दावा है कि उसके मर्डर के बाद श्रद्धा का मोबाइल फोन फेंक दिया था, लेकिन वह उसके सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल लगातार कर रहा था। पुलिस का दावा है कि श्रद्धा, और आफताब के कॉल डिटेल से जांच एजेंसी को कई अहम सुराग मिले हैं। श्रद्धा की हत्या के राज को छुपाने के लिए आफताब श्रद्धा का सोशल मीडिया अकाउंट धड़ल्ले से इस्तेमाल करता रहा।  यही नहीं, सोशल प्लेटफॉर्म पर लोगों को यह विश्वास दिलाने के लिए श्रद्धा जिंदा है, आफताब ने कई पोस्ट भी किए।  यहां तक की आफताब ने क्रेडिट कार्ड का भी बिल जमा कर दिया था। 

6-छह महीने तक कैसे छुपाया श्रद्धा का मर्डर

पुलिस सूत्र हर एंगल से जांच करने में जुटी हुई। पुलिस इस बात से भी हैरान है कि आखिरकार हत्यारोपी आफताब ने छह महीने तक यह राज कैसे छुपाए रखा। पूछताछ के दौरान आफताब का रवैया बहुत ही अलग था। मर्डर करने का आरोप झेल रहे आफताब जांच एजेंसी से बिल्कुल ही नॉर्मल तरीके से बात कर रहा था।

7-लिव-इन के बाद क्या शादी बनी श्रद्धा की हत्या की वजह?

नई जिंदगी की आस लेकर मुंबई से दिल्ली अपने दोस्त आफताब पूनावाला के साथ पहुंची श्रद्धा वाकर को हर कदम में धोखे ही धोखे खाने को मिले। लिव-इन में रहते हुए वह अकसर आफताब पर शादी करने का दबाव बनाया करती थी। तीन साल के लिव-इन रिलेशनशिप के बाद श्रद्धा अपना घर बसाना चाहती थी। शादी की बात लेकर अकसर दोनों के बीच झगड़े और मारपीट तक हुआ करती थी। रोज-रोज की मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर श्रद्धा अकसर आफताब से अपना नाता तोड़ने की बात कहती थी। पुलिस सूत्रों की बात मानें तो आफताब के कई लड़कियों के साथ संबंध थे।

8-आफताब की श्रद्धा मर्डर केस में किसी ने की मदद या अकेले दिया घटना को अंजाम?

श्रद्धा मर्डर केस में पुलिस हर एंगल से जांच पड़ताल करने में जुटी हुई है। पुलिस सूत्रों की बात मानें तो आफताब, और श्रद्धा के कॉमन फ्रेंड से पुलिस पूछताछ करेगी ताकि कोई भी अपराधी इस हत्याकांड से बच न सके। पुलिस की पूछताछ में आफताब के कई बयानों पर संदेह है। यही कारण है कि वह उसके हर बयान की तस्दीक कर लेना चाहती है। पुलिस इस बात का पुख्ता करना चाहती है कि क्या श्रद्धा की हत्या के बाद शरीर के टुकड़े करने के लिए एक ही हथियार, या एक से ज्यादा हथियारों का इस्तेमाल किया गया था? 

9- श्रद्धा के बैंक खातों में कितने रुपयों की लगाई सेंध

श्रद्धा हत्याकांड में एक के बाद एक हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि श्रद्धा की हत्या करने के बाद आफताब ने उसके बैंक अकाउंट में भी सेंध लगाई।  प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि हत्यारोपी आफताब ने उसके बैंक खाते से 54 हजार रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर लिए थे। आफताब ने पुलिस को बताया था कि 22 मई को श्रद्धा घर छोड़कर जा चुकी है, लेकिन जांच में यह बात समाने आई कि 26 मई को उसके एकाउंट से रुपये आफताब के एकाउंट में ट्रांसफर हुए।

10- क्या पहले भी किया है कोई मर्डर?

पुलिस पूछताछ के दौरान भी आफताब पुलिसकर्मियों से आंखों में आखें डाल कर हर सवालों का जवाब दे रहा था। लेकिन, जांच एजेंसी के सवालों के बौछारों के बीच आफताब के एक झूठ ने उसकी पोल खोल कर रख दी। हत्यारोपी आफताब ने 18 मई को श्रद्धा की गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद शव के टुकड़े कर जंगल में धीरे-धीरे फेंकता रहता थ। करीब-करीब छह महीने बाद नवंबर में हत्या के राज से पर्दा उठा। मर्डर और शव के टुकड़े करने के बाद आफताब एक अन्य लड़की को भी अपने फ्लैट में लेकर आया था। पुलिस अब आफताब के कई सालों का रिकॉर्ड जांचने में लगी हुई है। 

आफताब पूनावाला के खिलाफ ये सबूत इक्ट्ठा 

– मर्डर के बाद खरीदे गए सामान के बिल, और दुकानदारों के बयान।

– आफताब की कॉल डिटेल एक अहम सबूत

–  आरी,  ब्लेड  सहित अन्य औजार बेचने वाले दुकानदारों के बयान। 

– श्रद्धा के पिता, फ्लैट में पड़ोसी व श्रद्धा के दोस्तों के बयान। 

-श्रद्धा के सोशल मीडिया एकाउंट की लोकेशन।  

– शव के टुकड़ करते वक्त चोटिल आफताब के इलाज करने वाले डॉक्टर के बयान।

– महरौली जंगल से मानव शरीर का हिस्सा, श्रद्धा के पिता का डीएनए भी लिया। 

-श्रद्धा की मीसिंग की सूचना पुलिस को नहीं देना

आफताब को लेकर हिमाचल प्रदेश भी जाएगी पुलिस

वकीलों के भारी विरोध-प्रदर्शन के बीच कोर्ट ने हत्यारोपी की रिमांड को मंजूर कर दिया है। पुलिस सूत्रों की बात मानें तो आपताब को हिमाचल प्रदेश भी लेकर जाया जाएगा। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि कि श्रद्धा, और आफताब के बीच हिमाचल प्रदेश के टूर के दौरान झगड़ा हुआ था। झगड़े के बाद ही आफताब ने श्रद्धा के मर्डश्र करने का मूड बना लिया था।

आफताब के नार्को टेस्ट की भी मांग 

दिल्ली पुलिस ने श्रद्धा वालकर मर्डर केस में हत्यारोपी आफताब के नार्को टेस्ट के लिए आवेदन किया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान आफताब बार-बार अपना बयान बदल रहा है। यही नहीं, उसके बयान आपस में मेल भी नहीं खा रहे हैं। पुलिस की पूछताछ से बचने के लिए हत्यारोपी आफताब हिंदी की जगह अंग्रेजी भाषा में जवाब दे रहा है। आफताब के इन सभी दांवपेंचों से निपटने के लिए पुलिस ने नार्को टेस्ट के लिए कोर्ट में आवेदन किया है। मालूम हो कि टेस्ट के लिए आरोपी की सहमति की आवश्यकत होती है। 

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Tech

Himachal Pradesh elections results 2022 arvind kejriwal AAP one percent vote share

Published

on

By


ऐप पर पढ़ें

Himachal Pradesh Elections Results 2022: हिमाचल प्रदेश के चुनाव 68 सीटों के रुझान में आम आदमी पार्टी का खाता तक नहीं खुल पाया है। प्रदेश में सामने आए रुझानों की मानें तो पहाड़ी राज्य में आम आदमी पार्टी फिसलती हुई नजर आ रही है। हिमाचल में पहाड़ों पर चढ़ाई के मकसद से चुनावी मैदान में उतरी अरविंद केजरीवाल की पार्टी आप एक कदम भी नहीं चलती दिख रही है। चुनाव आयोग के आंकड़ों में आम आदमी पार्टी का स्कोर जीरो है।

इतना ही नहीं, चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक पार्टी को 1 फीसदी ही वोट मिले हैं। ऐसे में दिल्ली नगर निगम चुनावों में अपना जादू दिखाने वाले अरविंद केजरीवाल की पार्टी प्रदेश में पार्टी बुरी तरह से मात खाती दिख रही है। 

फिलहाल के रूझानों में कांग्रेस 38 और भाजपा 27 चल रही है। तीन सीटों पर निर्दलीय समेत अन्य आगे चल रहे हैं। ऐसे में रूझानों पर गौर करें तो राज्य में भाजपा का रिवाज बदलने का नहीं बल्कि कांग्रेस का राज बदलने का नारा साकार होता दिखाई दे रहा है। सभी सीटों पर चुनाव लड़ने वाली आम आदमी पार्टी(आप) को मतदाताओं ने पूर्णतया नकार दिया है।      

    

हिमाचल प्रदेश की कुल 68 सदस्यीय विधानसभा के लिए 12 नवंबर को चुनाव हुए, जिसमें 412 उम्मीदवार चुनावी अखाड़े में उतरे। चुनावी दंगल में भाजपा और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी (आप), मार्क्सवादी कम्युनस्टि पार्टी (माकपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और अनेक निर्दलीय उतरे थे। इनमें 388 पुरुष और 24 महिला उम्मीदवार हैं।

    

इस बार के विधानसभा चुनाव में 76.6 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर इतिहास रच दिया था। नर्विाचन आयोग ने हालांकि राज्य में इस बार 80 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखा था। इससे पहले वर्ष 2017 में 75.57 प्रतिशत, 2007 में 71.61 प्रतिशत और 2012 में 72.69 प्रतिशत मतदान हुआ था। वर्ष 2017 के चुनावों में भाजपा को 44, कांग्रेस को 21 सीटें मिलीं थीं। दो सीटों पर नर्दिलीय और एक सीट पर माकपा प्रत्याशी ने जीत हासिल की थी।

 

 

Continue Reading

Tech

किसने दौड़ा दी 'मोदी के घर' में सपा की साइकिल, अखिलेश के लिए गुजरात से भी खुशखबरी

Published

on

By



उत्तर प्रदेश में दो विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर शानदार प्रदर्शन करने वाली समाजवादी पार्टी को गुजरात से भी खुशखबरी मिली है। पहली बार पीएम मोदी के गृहराज्य में सपा का खाता खुलने की संभावना दिख रही है।

Continue Reading

Tech

Gujarat Murder accused caught after 50 years AADHAR data became the reason

Published

on

By


ऐप पर पढ़ें

गुजरात के अहमदनगर से एक शख्स गिरफ्तार हुआ। मंगलवार को सामने आया इस मामले का जिक्र खास इसलिए है, क्योंकि आरोपी वारदात के करीब 50 सालों के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा है। खबर है कि पुलिस को Aadhar डेटाबेस के जरिए यह सफलता मिली है। मामले को विस्तार से समझते हैं।

क्या था मामला

73 साल के सीताराम भटाने ने 23 साल की उम्र में 70 वर्षीय महिला मणिबेन शुक्ला की 11 सितंबर 1973 को हत्या कर दी थी। आरोपी महिला के ही सैजपुर स्थित सोसाइटी के मकान में अपने दो भाइयों के साथ रहता था। आरोप है कि भटाने चोरी के इरादे से महिला के घर में घुसा था, लेकिन वह अचानक जाग गईं और उसे देखकर चीख पड़ी।

हत्या के तीन दिनों के बाद पड़ोसियों को बदबू के चलते शक हुआ। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बुलाया और घर खोलकर शुक्ला का शव बरामद किया। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गवाहों का कहना था कि आखिरी बार भटाने को ही शुक्ला के घर में जाते हुए देखा गया था। साथ ही उसे घर में ताला लगाते भी देखा गया। पुलिस ने आरोपी की तलाश की, लेकिन वह शहर छोड़कर भाग गया और पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी।

आरोपी की तलाश में पुलिस ने अहमदनगर, महाराष्ट्र दल भेजे, लेकिन वह नहीं मिला और मामले ठंडे बस्ते मं चला गया। केस को दोबारा 14 अगस्त 2013 को खोला गया था।

अब जब सरदार नगर पुलिस स्टेशन पर नए इंस्पेक्टर पीवी गोहिल ने काम संभाला, तो उनकी नजर इस मामले पर गई। एक अखबार से बातचीत में उन्होंने कहा, ’30 नवंबर के आसपास, मेरी आंखें 1973 के एक मामले पर अटक गई। मैंने अपनी टीम से यह देखने के लिए कहा कि शख्स के पास अहमदनगर में जारी आधार कार्ड है या नहीं।’

उन्होंने बताया कि टीम ने आधार कार्ड की जानकारी निकाली और पाया कि भटाने अहमदनगर जिले पथरड़ी तालुका के रंजनी गांव में रह रहा है। सरदारनगर पुलिस की टीम वहां पहुंची और भटाने से पूछताछ की, जिसने 50 साल पहले शुक्ला की हत्या की बात कबूली।

Continue Reading

Trending

Copyright © 2022 All Right Reserved by AchookSamachar. Design & Developed by WebsiteWaleBhaiya